महात्मा गांधी का जीवन परिचय | Mahatma Gandhi Biography
🕊️ महात्मा गांधी : सत्य, अहिंसा और भारत की आत्मा
(विस्तृत जीवन परिचय)
भूमिका
महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे एक विचार, एक आंदोलन और एक जीवन-पद्धति थे। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया उन्हें “राष्ट्रपिता” और “बापू” के नाम से जानती है। उन्होंने सत्य और अहिंसा के बल पर एक शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को झुकने पर मजबूर कर दिया। गांधी जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि बिना हिंसा के भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।
जन्म और परिवार
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (गुजरात) में हुआ था।
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पिता: करमचंद गांधी (पोरबंदर रियासत के दीवान)
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माता: पुतलीबाई (धार्मिक, करुणामयी और संस्कारी महिला)
माता से गांधी जी ने सत्य, संयम, उपवास और सेवा का पाठ सीखा। बचपन से ही वे शांत, ईमानदार और विचारशील थे।
शिक्षा और विवाह
गांधी जी की प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर और राजकोट में हुई।
13 वर्ष की आयु में उनका विवाह कस्तूरबा गांधी से हुआ।
1888 में वे इंग्लैंड गए और वहाँ से वकालत (Law) की पढ़ाई पूरी की। इंग्लैंड में रहते हुए उन्होंने शाकाहार, आत्मसंयम और नैतिकता को अपनाया।
दक्षिण अफ्रीका का संघर्ष (जीवन का मोड़)
1893 में गांधी जी वकालत के लिए दक्षिण अफ्रीका गए। वहीं उनके जीवन में एक ऐतिहासिक घटना घटी—
🚆 ट्रेन में रंगभेद
एक प्रथम श्रेणी टिकट होने के बावजूद उन्हें केवल रंग के कारण ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।
यहीं से गांधी जी ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने का निश्चय किया।
सत्याग्रह की शुरुआत
दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने पहली बार “सत्याग्रह” का प्रयोग किया—
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अन्याय का विरोध
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बिना हिंसा
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बिना नफरत
उन्होंने भारतीयों के अधिकारों के लिए कई आंदोलन चलाए और अंततः सफलता पाई।
भारत वापसी और स्वतंत्रता आंदोलन
1915 में गांधी जी भारत लौटे। भारत उस समय ब्रिटिश शासन के अत्याचारों से पीड़ित था।
उन्होंने गाँव-गाँव घूमकर भारत की वास्तविक स्थिति को समझा और फिर स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया।
प्रमुख आंदोलन
1️⃣ चंपारण सत्याग्रह (1917)
नील की जबरन खेती के खिलाफ किसानों के पक्ष में आंदोलन
➡️ किसानों को न्याय मिला
2️⃣ खेड़ा आंदोलन (1918)
अकाल के बावजूद कर वसूली के खिलाफ
➡️ सरकार झुकी
3️⃣ असहयोग आंदोलन (1920)
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विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
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खादी अपनाने का संदेश
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सरकारी नौकरियों और स्कूलों का त्याग
यह आंदोलन जन-जन तक पहुँचा।
4️⃣ दांडी मार्च / नमक सत्याग्रह (1930)
गांधी जी ने 240 मील पैदल यात्रा कर नमक कानून तोड़ा।
यह आंदोलन ब्रिटिश शासन की नींव हिला देने वाला साबित हुआ।
5️⃣ भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
नारा दिया—
👉 “करो या मरो”
पूरे देश में क्रांति फैल गई।
युवाओं, महिलाओं और किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
गांधी जी के सिद्धांत
🔹 सत्य
सत्य केवल बोलने में नहीं, बल्कि जीवन में उतारने में है।
🔹 अहिंसा
हिंसा से घृणा जन्म लेती है, जबकि अहिंसा से प्रेम और परिवर्तन।
🔹 स्वदेशी
अपने देश की वस्तुओं का उपयोग
🔹 आत्मनिर्भरता
गाँव, चरखा और खादी को बढ़ावा
🔹 सर्वधर्म समभाव
सभी धर्म समान हैं
सामाजिक सुधार
गांधी जी ने केवल आज़ादी ही नहीं, बल्कि समाज सुधार पर भी ज़ोर दिया—
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छुआछूत के खिलाफ संघर्ष
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महिलाओं को समान अधिकार
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नशाबंदी
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सफाई और स्वच्छता
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ग्राम स्वराज की अवधारणा
उन्होंने हरिजन शब्द का प्रयोग कर दलित समाज को सम्मान दिया।
स्वतंत्रता और विभाजन
15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन देश का विभाजन हुआ।
गांधी जी इससे अत्यंत दुखी थे।
उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए उपवास किए और दंगे रोकने का प्रयास किया।
गांधी जी की हत्या
📅 30 जनवरी 1948
📍 नई दिल्ली
नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।
उनके अंतिम शब्द थे—
🕊️ “हे राम”
महात्मा गांधी की विरासत
आज भी गांधी जी के विचार—
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संयुक्त राष्ट्र
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नेल्सन मंडेला
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मार्टिन लूथर किंग
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दुनिया भर के आंदोलनों को प्रेरणा देते हैं
2 अक्टूबर को—
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भारत में: गांधी जयंती
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विश्व में: अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस
निष्कर्ष
महात्मा गांधी का जीवन हमें सिखाता है कि—
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सच्चाई सबसे बड़ी शक्ति है
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अहिंसा सबसे बड़ा हथियार
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सेवा ही सच्चा धर्म है
आज जब दुनिया हिंसा, लालच और घृणा से जूझ रही है, तब गांधी जी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।
“आप वह परिवर्तन बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।”
— महात्मा गांधी
Post By - The Shayari World Official

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