Heart Broken Shayari | टूटे दिल के दर्द भरे अल्फ़ाज़
💔 Heart Broken
Shayari 💔
टूटे
दिल
की
आवाज़
कोई
सुनता
नहीं,
दर्द
इतना
है
कि
अब
आँसू
भी
निकलते
नहीं।
जिसे
अपना
समझा
वही
पराया
निकला,
दिल
जिस
पर
हारा
वही
सबसे
बड़ा
धोखेबाज़
निकला।
हम
खामोश
रहे
तो
वो
समझे
बेदर्द
हैं,
उन्हें
क्या
पता, हम
अंदर
से
पूरी
तरह
बिखरे
हुए
हैं।
वो
हँसते
रहे
किसी
और
के
साथ,
और
हम
हर
रात
उनसे
बिछड़ने
का
दर्द
पीते
रहे।
दिल
तोड़ने
वालों
को
क्या
खबर,
टूटा
हुआ
दिल
भी
दुआएँ
देता
है।
अब
मोहब्बत
से
नहीं,
सिर्फ
यादों
से
डर
लगता
है।
कभी
जो
जान
हुआ
करते
थे,
आज
वही
अजनबी
बन
गए।
हमने चाहा
था
उम्र
भर
साथ
निभाना,
पर
उसने
एक
पल
में
सब
तोड़
दिया।
दिल
ने
कहा
भूल
जा
उसे,
दिमाग
बोला
मुमकिन
नहीं।
कुछ
जख्म
ऐसे
होते
हैं,
जो
दिखते
नहीं
लेकिन
बहुत
रुलाते
हैं।
🖤 टूटा
हुआ
दिल
– कुछ
अलग
एहसास
🖤
हम
रोए
नहीं
कभी
तेरे
जाने
पर,
बस
ज़िंदा
रहना
थोड़ा
मुश्किल
हो
गया।
तू
मिला
तो
लगा
सब
मिल
गया,
तू
गया
तो
पता
चला
कुछ
भी
मेरा
नहीं
था।
दिल
टूटा
नहीं
साहब,
बस
अब
किसी
पर
भरोसा
करना
भूल
गया।
तेरी
सबसे
बड़ी
सज़ा
ये
नहीं
कि
तू
चला
गया,
तेरी
सबसे
बड़ी
सज़ा
ये
है
कि
आज
भी
याद
है।
हमने
छोड़ना
नहीं
सीखा,
और
लोगों
ने
छोड़ना
बहुत
जल्दी
सीख
लिया।
कुछ
लोग
अधूरे
मिलते
हैं,
ताकि
हमें
पूरा
टूटना
सिखा
सकें।
अब
किसी
से
शिकायत
नहीं,
बस
खुद
से
सवाल
बहुत
हैं।
वो
चला
गया
मगर
अपने
बाद
खामोशी
छोड़
गया।
हमने
मुस्कुराना
सीख
लिया,
दर्द
छुपाने
के
लिए।
दिल
अब
भी
वहीं
है,
जहाँ
तुमने
आख़िरी
बार
छोड़ा
था।
🖤 दिल
टूटने
के
बाद
🖤
अब
दर्द
शोर
नहीं
करता,
वो
चुपचाप
अंदर
बैठा
रहता
है।
जिस
दिन
समझ
आया
कि
वो
लौटेगा
नहीं,
उस
दिन
दिल
ने
उम्मीद
से
भी
रिश्ता
तोड़
लिया।
हम
बदल
नहीं
गए,
बस
अब
हर
किसी
से
खुलकर
नहीं
मिलते।
कुछ
यादें
ज़हर
की
तरह
होती
हैं,
मारती
नहीं… पर
जीने
भी
नहीं
देतीं।
अब
किसी
के
चले
जाने
से
फर्क
नहीं
पड़ता,
बस
पहली
बार
बहुत
गहरा
लगा
था।
दिल
ने
रोना
छोड़
दिया,
क्योंकि
किसी
ने
पूछा
ही
नहीं
— “क्या
हुआ?”
वो
जो
कहता
था हमेशा
रहूँगा,
आज
वही
सबसे
दूर
है।
हम
थक
गए
समझाते–समझाते,
अब
चुप
रहना
आसान
लगता
है।
सब
ठीक
दिखता
है
बाहर
से,
पर
अंदर
कुछ
भी
ठीक
नहीं
है।
हम
उसे
भूल
नहीं
पाए,
और
यही
हमारी
सबसे
बड़ी
हार
है।
🖤 जब
दिल
सच
में
टूट
जाता
है
🖤
अब
हम
किसी
से
नाराज़
नहीं
होते,
क्योंकि
उम्मीद
ही
नहीं
रखते।
वो
जो
कहते
थे तुम्हारे
बिना
नहीं
रह
सकते,
आज
वही
हमें
याद
भी
नहीं
करते।
दिल
को
समझाया
बहुत,
पर
यादों
का
कोई
इलाज
नहीं
होता।
अब
नींद
भी
पूछकर
नहीं
आती,
और
ख्वाब
बिना
बुलाए
चले
आते
हैं।
हम
हर
किसी
को
अच्छा
समझ
बैठे,
और
खुद
को
अकेला
कर
लिया।
कुछ
रिश्ते
आवाज़
नहीं
करते,
सीधे
अंदर
टूटते
हैं।
हम
आज
भी
वही
हैं,
बस
अंदर
से
थोड़े
कम
ज़िंदा।
वो
गया
तो
कोई
तूफ़ान
नहीं
आया,
बस
सब
कुछ
थम
गया।
अब
किसी
से
दिल
लगाने
का
नहीं
डर,
बस
फिर
टूट
जाने
का
डर
है।
हमने
जाना
—
खामोशी
भी
एक
तरह
का
रोना
होती
है।

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